डॉ गरिमा कुमावत

डॉ गरिमा कुमावत, राजस्थान की स्थापित गायिका एवं संगीतकार हैं। डॉ गरिमा ने प्रसिद्द संगीतकार पंडित हनुमान सहाय (वनस्थली) की शिष्य के रूप में संगीत की शिक्षा प्राप्त की है । वह राजस्थान के जयपुर घराने के शास्त्रीय संगीत के विशेषज्ञों में से एक हैं, जिसे विशेष रूप से “तिहाई” कहा जाता है।  गरिमा शास्त्रीय, ठुमरी या भजन के साथ अपने प्रदर्शन को पूर्णता प्रदान करती हैं। वर्तमान में आप जयपुर में छात्रों को मुफ्त संगीत प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं और 2005 से “सुर साहित्य कला संस्थान” (N.G.O) की सेक्रेटरी हैं।
 सुबोध स्कूल और भवानी निकेतन में शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षक के रूप में काम किया।
• संगीत में पीएचडी, मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर।
• जयपुर चैप्टर से ‘स्पिक मैके’ की सक्रिय सदस्य
• चीन में बीजिंग, शंघाई में भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति। नानजिंग और ग्वानझाऊ में युवा मंच में भारत सरकार की ओर से देश का प्रतिनिधित्व किया।
• “बाल गंधर्व संगीत शोध संस्थान” द्वारा आयोजित “शास्त्री संगीत संध्या” में प्रस्तुति ।
• “जवाहर कला केंद्र”, जयपुर द्वारा आयोजित “गुरुवर्य संगीत संध्या” में संगीत प्रस्तुति । यह सरकार द्वारा प्रदान किया गया एक मंच है।
Dr.Garima Kumawat
Style and contribution
DrGarima her name often preceded by the title Doctor (vidya vachaspati in music), is indian musician and a composer of Hindustani classical musician. In 2005 study music under the musician Guru Pandit Hanuman Sahay ( vanasthali wale ). She is one of the best known of the classical compositions of Jaipur Gharana in Rajasthan Specially the “Tihai’s”. Her performance being with solo alap influenced followed by a section with tabla accompaniment featuring compositions associated with the prevalent Khayal. Garima often closed her performances with light classical Thumri or bhajan.Presently you are imparting free music training to students in Jaipur. And secratory of “Sur Sahitya Kala Sansthan”(N.G.O.) from 2005. Garima worked in Subodh school or Bhavani niketan as a classical music trainer .
• Ph.D in Music, Mohan Lal Sukhadiya University Udaipur.
• Member of ‘Spic Macay’ from Jaipur chapter;
• Performed Indian classical music in China, at Beijing, Shanghai,
Nanjing & Ghongzhau. Represented under youth forum, Govt. of India;
• Have given Individual Performance in Youth Classical Concert –
“Shastriya Sangeet Sandhya” organized by “Bal Gandharva Sangeet Shodha Sansthan”;
• Have given Individual Performance in “Guruwariya Sangeet Sandhya” organized by “Jawahar Kala Kendra”, Jaipur. This is a platform provided by Govt. of Rajasthan to upcoming artistes of the State;