डॉ. प्रेम भंडारी

डॉ. प्रेम भंडारी राजस्थान के एक मात्र ऐसे शख्स हैं जिन्हें राजस्थान संगीत नाटक अकादमी और राजस्थान उर्दू अकादमी ने अपने सम्मानों से नवाज़ा है|दूरदर्शन और आकाशवाणी के  “ऐ” ग्रेड कलाकार होने के साथ ही डॉ भंडारी सिर्फ़ संगीतकार ही नहीं गायक और शायर भी हैं जिनकी चार किताबें मंज़रे आम तक आ चुकी हैं और गीत, ग़ज़ल, भजन, दोहों आदि के कई केसेट्स, और सीडी भी रिलीज़ हो चुके हैं I

डॉ भंडारी देश के तक़रीबन सभी शहरों और विदेश में भी ग़ज़ल गायन के प्रोग्राम दे चुके हैं जो मनोरंजन के साथ इंसानी ज़िन्दगी के मसलों. देश प्रेम, मानवीय संवेदनाओ, विश्व शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने का सन्देश देते हैं I

एम. एल. एस. यूनिवर्सिटी से 2009 में संगीत विभाग के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट से रिटायर्ड हुए डॉ प्रेम भंडारी एशिया के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने ग़ज़ल गायकी पे 1992 में पी.एच.डी. की है जिसे हिन्दोस्तान और पाकिस्तान के सभी उर्दू अदब के अदीबों ने और संगीतकारों ने यथा, पद्म विभुषण पंडित राम नारायण, पद्म भुषण नौशाद, पद्म भुषण जगजीत सिंह, पद्म भूषण गुलज़ार, पद्म श्री काली दास गुप्ता रिज़ा, डॉ राही मासूम रज़ा, भूपेन्द्र-मिताली, रविन्द्र जैन, क़ेसर-उल-जाफ़री, माजिद-उल-बाक़री (पाकिस्तान), डॉ सज्जाद मिर्ज़ा (पाकिस्तान), आदि ने ग़ज़ल और ग़ज़ल गायकी पे पहला उम्दा काम बताया है I “हिन्दोस्तानी संगीत में ग़ज़ल गायकी” पुस्तक का दूसरी भाषाओँ में भी तर्जुमा हो चूका है I

देश की अनगिनत जानी मानी संस्थाओं द्वारा, किंग आफ ग़ज़ल, ग़ालिब एवार्ड, मीरा सुधाकर सम्मान, पश्चिम क्षेत्र सांस्क्रतिक केंद्र सम्मान, संगीत राज, सुर नंदन सम्मान आदि से सम्मानित डॉ. प्रेम भंडारी, साहित्यकार और संगीतकार होने के साथ साथ वालीबाल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय रेफरी भी I

डॉ प्रेम भंडारी ने यूनिवर्सिटी में रहकर कई विद्यार्थियों को हिन्दोस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ साथ सुगम संगीत की तालीम भी दी है जो देश विदेश में अपना नाम कमा रहे हैं I

प्रेम भंडारी  फिल्म संगीतकार और गीतकार भी हैं I फिल्म डिविज़न आफ इंडिया की फिल्मों में गीत लिखने के साथ साथ  संगीत भी दिया है और जगजीत सिंह, भूपेंद्र मिताली, रूप कुमार राठोड, साधना सरगम शैल हाडा जैसे कई मशहूर गायकों ने डॉ भंडारी के संगीत निर्देशन में गाया भी है I

डॉ प्रेम भंडारी कई सांगीतिक, सांस्कृतिक, अदबी और खेल संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सेक्रेटरी एवं महत्वपूर्ण पदों पे रह कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिनमे प्रमुख नाम हैं, महाराणा कुंभा संगीत परिषद्, भारतीय लोक कला मंडल, अदबी संगम, अंजुमन तरक्क़ी ए उर्दू कुल हिन्द उदयपुर शाख़, ग़ज़ल एकेडमी, म्युज़िक लवर्स क्लब वगैराह I

डॉ भंडारी भारत सरकार के कल्चरल डिपार्टमेंट के सलाहकार और निर्णायक मंडल में भी रहे हैं और अभी तक देश के सभी राज्यों के तक़रीबन 30 हज़ार स्कूल व्याख्याताओं को विभिन्न भाषाओं के गीत सिखा चुके हैं I

डॉ. भंडारी ही हिदोस्तान के अकेले ऐसे संगीतकार हैं जिन्होंने 6 शिक्षण संस्थाओं के कुल-गीत तैयार किये हैं जिनमे शार्क यूथ सम्मलेन के गीत के साथ साथ मोहन लाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी, उदयपुर, मह्रिषी दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी  अजमेर, महाराणा प्रताप एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, उदयपुर, गुरु गोविन्द जन जातीय विश्वविद्यालय बाँसवाड़ा के साथ साथ बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन अजमेर के कुल-गीत, प्रमुख हैं I

हिदोस्तान ज़िंक, महाराणा मेवाड़ फाउन्डेशन, विध्या भवन, और ऐसी ही कई संस्था गीतों के अलावा डॉ प्रेम भंडारी ने ग़ज़ल गायकी में नए नए प्रयोग करते हुए तक़रीबन अभी तक 35 नाटकों में संगीत दिया है और गीत भी लिखे हैं जिनकी राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतियाँ हो चुकी हैं और प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक बाबा कारन्त के लाईट और साउंड शो में भी अपना संगीत दे चुके हैं I

डॉ प्रेम भंडारी ने यूनिवर्सिटी में रहकर कई विद्यार्थियों को हिन्दोस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ साथ सुगम संगीत की तालीम भी दी है जो देश विदेश में अपना नाम कमा रहे हैं।

प्रेम भंडारी फ़िल्म संगीतकार  और गीतकार भी हैं। फिल्म्स डिविज़न आफ इंडिया की फ़िल्मों में गीत लिखने के साथ ही संगीत भी दिया है और जगजीत सिंह, भूपेंद्र मिताली, रूप कुमार राठौड़, साधना सरगम, शैल हाड़ा जैसे कई मशहूर गायकों ने डॉ भंडारी के संगीत निर्देशन में गाया भी है।

डॉ भंडारी कई सांगीतिक, सांस्कृतिक, अदबी और खेल संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सेक्रेटरी जैसे अहम पदों पे रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिनमे प्रमुख नाम हैं, महाराणा कुम्भा संगीत परिषद, भारतीय लोक कला मंडल, अदबी संगम, अंजुमन तरक़्क़ी ए उर्दू कुल हिन्द शाख़ उदयपुर, ग़ज़ल एकेडमी, म्यूज़िक लवर्स कल्ब वग़ैरह।

डॉ भंडारी भारत सरकार के कल्चरल डिपार्टमेंट के सलाहकार एवम निर्णायक मंडल के सदस्य भी रहे हैं और अभी तक तक़रीबन 30 हज़ार से ज़्यादा स्कूल व्याख्याताओं को विभिन्न भाषाओं के गीत सिखा चुके हैं।

देश की अनगिनत जानी मानी  संस्थाओं द्वारा किंग ऑफ ग़ज़ल, ग़ालिब एवार्ड, मीरा सुधाकर सम्मान, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र सम्मान, संगीत राज सम्मान, सुर नंदन  सम्मान, आदि से सम्मानित डॉ प्रेम भंडारी साहित्यकार, संगीतकार होने के साथ साथ ही वालीबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रहे हैं और रेफरी भी।